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हरियाणा विधानसभा में चुनाव सुधारों पर हंगामा कांग्रेस ने लगाया वोट चोरी का आरोप भाजपा ने चुनाव प्रक्रिया की मजबूती पर दिया जोर

हरियाणा विधानसभा में चुनाव सुधारों पर हंगामा कांग्रेस ने लगाया वोट चोरी का आरोप भाजपा ने चुनाव प्रक्रिया की मजबूती पर दिया जोर

Satyakhabarindia

Haryana assembly : हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आज आखिरी दिन विधानसभा में लंच के बाद विधायक कार्य निपटाया गया। इस दौरान हरियाणा विधानसभा में पास किए गए।
हरियाणा विधानसभा में लंच के बाद वेतन, भत्ता और पेंशन संशोधन विधेयक, 2025 पेश किया गया। इस विधेयक के तहत राज्य के 550 पूर्व विधायकों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रस्ताव में मासिक पेंशन, महंगाई राहत और विशेष यात्रा भत्ते पर लगी 1 लाख रुपए की सीमा को समाप्त करने का प्रावधान है। इसके अनुसार पूर्व विधायकों को यात्रा भत्ते के रूप में 10,000 रुपए प्रति माह तक मिलेगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

हरियाणा विधानसभा में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पेश किया, जिसमें राज्य के 26 निजी विश्वविद्यालयों में प्रशासक नियुक्त करने का प्रावधान है, जिसमें फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी भी शामिल है। कांग्रेस विधायकों रघुवीर कादियान और बीबी बत्रा ने आपत्ति जताते हुए उच्च शिक्षा संस्थानों के हित और प्रशासकों की योग्यता पर सवाल उठाए। चर्चा के बाद मंत्री ढांडा ने कहा कि यह केवल विशेष परिस्थितियों में लागू होगा और वर्तमान में सही चल रही यूनिवर्सिटीज को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। इसके बाद विधेयक को सदन में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

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सदन में आज शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने विधानसभा में आबादी देह संशोधक विधेयक, 2025 पेश किया, जिस पर कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने आपत्ति जताया। बत्रा ने कहा कि, “विधेयक में पर्याप्त विवरण नहीं है और इसका दुरुपयोग लैंड माफिया द्वारा किया जा सकता है।” इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सदन में स्पष्ट किया कि यह विधेयक बेहद जरूरी है और इसके लागू होने से प्रदेश के लगभग 25 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। चर्चा के बाद सदन ने इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

हरियाणा दुकानात वाणिज्यिक संशोधन विधेयक पर चर्चा के बाद श्रम मंत्री अनिल विज ने सदन को बताया कि यह कानून मूल रूप से वर्ष 1958 में श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, जो अब काफी पुराना हो चुका है संशोधन के तहत छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए 20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से मुक्त किया गया है पहले दुकानदारों के लिए तीन महीने की जेल का प्रावधान था, जिसे हटाकर अब जुर्माने में बदल दिया गया है। साथ ही कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य किया गया है। सदन ने विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

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विधानसभा में नियम 84 के अधीन चुनाव सुधारों से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई है। यह प्रस्ताव विधायक राम कुमार कश्यप और योगेंद्र सिंह राणा द्वारा रखा गया है। प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव सुधारों से उत्पन्न हालात पर विचार करना है। चर्चा के दौरान सदन में वोट चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने मतदाता अधिकारों और पारदर्शिता पर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने सुरक्षा उपायों और चुनाव प्रक्रिया की मजबूती पर जोर दिया। इस बहस ने सदन का माहौल गर्म कर दिया।

कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी ने विधानसभा में सरकार द्वारा एक के बाद एक विधेयक लाए जाने और उन्हें जल्दबाजी में पारित कराने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, “आज ही सदन में आठ विधेयक रख दिए गए हैं, जिससे साफ है कि सरकार को चर्चा कराने से ज्यादा उन्हें पास कराना जरूरी लग रहा है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग रखी थी, लेकिन सरकार ने उसे नजरअंदाज कर दिया। हरियाणा में उद्योग आने के बजाय जा रहे हैं और विधेयकों में श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित होने के दावे भी जमीनी स्तर पर सही साबित नहीं हो रहे हैं।”

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